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PM Vishwakarma Yojana

PM
राज्य: Central Goverment Yojna
मंत्रालय: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME), भारत सरकार
प्रकाशित: May 21, 2026
PM Vishwakarma Yojana

इस योजना का लाभ

₹15,000 की टूलकिट सहायता

PM Vishwakarma Yojana प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) भारत सरकार द्वारा पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों को आर्थिक रूप से … Read more

पात्रता (Eligibility)

• आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
• आवेदक असंगठित क्षेत्र में हाथों और औजारों से कार्य करने वाला पारंपरिक कारीगर या शिल्पकार होना चाहिए।
• केवल योजना में शामिल 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगर पात्र होंगे।
• बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, दर्जी, राजमिस्त्री, नाई आदि इस योजना के अंतर्गत पात्र हैं।
• लाभार्थी स्वरोजगार या पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ा होना चाहिए।
• परिवार से केवल एक सदस्य योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।
• आवेदन से पहले समान प्रकार की सरकारी ऋण आधारित योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
• आवेदक या परिवार का सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज़

• आधार कार्ड
• मोबाइल नंबर
• बैंक पासबुक
• पासपोर्ट साइज फोटो
• पहचान प्रमाण पत्र
• निवास प्रमाण पत्र
• व्यवसाय संबंधी जानकारी
• बायोमेट्रिक सत्यापन
• CSC पंजीकरण विवरण

PM Vishwakarma Yojana

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) भारत सरकार द्वारा पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके कौशल को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण केंद्रीय योजना है। इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक व्यवसाय करने वाले लोगों को प्रशिक्षण, पहचान, आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए सहायता और आसान ऋण सुविधा प्रदान की जाती है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे कारीगरों को आगे बढ़ाना है जो पीढ़ियों से अपने हाथों और औजारों से कार्य कर रहे हैं। सरकार इस योजना के माध्यम से उनकी उत्पादकता बढ़ाने, आय में सुधार करने और उन्हें बाजार से जोड़ने का प्रयास कर रही है।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या है?

PM Vishwakarma Yojana की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर की गई थी। यह एक केंद्रीय क्षेत्रक योजना है जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को उनके कार्य में समग्र सहायता देना है। योजना के लिए वर्ष 2023–24 से 2027–28 तक लगभग ₹13,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इस योजना के अंतर्गत कारीगरों को सरकारी पहचान पत्र, कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक औजारों के लिए आर्थिक सहायता, सस्ता ऋण, डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। इसका लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के पात्र लाभार्थियों को दिया जाता है।

योजना के मुख्य लाभ

• पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड दिया जाता है।
• प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड मिलता है।
• औजार खरीदने के लिए ₹15,000 की टूलकिट सहायता दी जाती है।
• केवल 5% ब्याज दर पर बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
• पहले चरण में ₹1 लाख तक लोन मिलता है।
• दूसरे चरण में ₹2 लाख तक अतिरिक्त लोन दिया जाता है।
• आधुनिक तकनीक और कौशल उन्नयन प्रशिक्षण मिलता है।
• डिजिटल भुगतान करने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
• उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने में सहायता मिलती है।
• स्वरोजगार और आय बढ़ाने का अवसर मिलता है।

पीएम विश्वकर्मा योजना में कितना लोन मिलता है?

PM Vishwakarma Yojana के अंतर्गत पात्र कारीगरों को जमानत मुक्त ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

पहली ऋण किस्त

• ₹1 लाख तक लोन
• पुनर्भुगतान अवधि: 18 महीने
• मूलभूत प्रशिक्षण पूरा होना आवश्यक

दूसरी ऋण किस्त

• ₹2 लाख तक लोन
• पुनर्भुगतान अवधि: 30 महीने
• पहली ऋण किस्त का सफल उपयोग और निर्धारित शर्तें पूरी होना आवश्यक

कारीगरों से केवल 5% ब्याज दर ली जाती है जिससे उन्हें कम लागत पर व्यवसाय बढ़ाने का अवसर मिलता है।

कौशल प्रशिक्षण और टूलकिट सहायता कैसे मिलती है?

PM Vishwakarma Yojana के तहत लाभार्थियों को आधुनिक तकनीक और व्यवसाय विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।

प्रशिक्षण के दौरान:

• प्रतिदिन ₹500 स्टाइपेंड दिया जाता है।
• ₹15,000 तक टूलकिट सहायता ई-वाउचर के माध्यम से प्रदान की जाती है।
• आधुनिक उपकरण खरीदने का अवसर मिलता है।
• प्रशिक्षण से काम की गुणवत्ता और कमाई बढ़ाने में सहायता मिलती है।

Official website
https://pmvishwakarma.gov.in/

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