प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) भारत सरकार द्वारा पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके कौशल को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण केंद्रीय योजना है। इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक व्यवसाय करने वाले लोगों को प्रशिक्षण, पहचान, आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए सहायता और आसान ऋण सुविधा प्रदान की जाती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे कारीगरों को आगे बढ़ाना है जो पीढ़ियों से अपने हाथों और औजारों से कार्य कर रहे हैं। सरकार इस योजना के माध्यम से उनकी उत्पादकता बढ़ाने, आय में सुधार करने और उन्हें बाजार से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या है?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर की गई थी। यह एक केंद्रीय क्षेत्रक योजना है जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को उनके कार्य में समग्र सहायता देना है। योजना के लिए वर्ष 2023–24 से 2027–28 तक लगभग ₹13,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत कारीगरों को सरकारी पहचान पत्र, कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक औजारों के लिए आर्थिक सहायता, सस्ता ऋण, डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। इसका लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के पात्र लाभार्थियों को दिया जाता है।
योजना के मुख्य लाभ
• पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड दिया जाता है।
• प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड मिलता है।
• औजार खरीदने के लिए ₹15,000 की टूलकिट सहायता दी जाती है।
• केवल 5% ब्याज दर पर बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
• पहले चरण में ₹1 लाख तक लोन मिलता है।
• दूसरे चरण में ₹2 लाख तक अतिरिक्त लोन दिया जाता है।
• आधुनिक तकनीक और कौशल उन्नयन प्रशिक्षण मिलता है।
• डिजिटल भुगतान करने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
• उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने में सहायता मिलती है।
• स्वरोजगार और आय बढ़ाने का अवसर मिलता है।
पीएम विश्वकर्मा योजना में कितना लोन मिलता है?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत पात्र कारीगरों को जमानत मुक्त ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
पहली ऋण किस्त
• ₹1 लाख तक लोन
• पुनर्भुगतान अवधि: 18 महीने
• मूलभूत प्रशिक्षण पूरा होना आवश्यक
दूसरी ऋण किस्त
• ₹2 लाख तक लोन
• पुनर्भुगतान अवधि: 30 महीने
• पहली ऋण किस्त का सफल उपयोग और निर्धारित शर्तें पूरी होना आवश्यक
कारीगरों से केवल 5% ब्याज दर ली जाती है जिससे उन्हें कम लागत पर व्यवसाय बढ़ाने का अवसर मिलता है।
कौशल प्रशिक्षण और टूलकिट सहायता कैसे मिलती है?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को आधुनिक तकनीक और व्यवसाय विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
प्रशिक्षण के दौरान:
• प्रतिदिन ₹500 स्टाइपेंड दिया जाता है।
• ₹15,000 तक टूलकिट सहायता ई-वाउचर के माध्यम से प्रदान की जाती है।
• आधुनिक उपकरण खरीदने का अवसर मिलता है।
• प्रशिक्षण से काम की गुणवत्ता और कमाई बढ़ाने में सहायता मिलती है।